₹5,000 की SIP से कितना पैसा बनेगा? 10 से 30 साल का पूरा हिसाब
छोटी मासिक SIP शुरुआत में धीरे बढ़ती है और फिर तेज़ी पकड़ती है। चार्ट से देखिए कि ऐसा कब और क्यों होता है।
मुख्य बातें
- 12% औसत रिटर्न पर ₹5,000 की SIP 30 साल में लगभग ₹1.75 करोड़ बन सकती है, जबकि निवेश सिर्फ़ ₹18 लाख होगा।
- हर साल SIP 10% बढ़ाने पर यही रकम लगभग ₹4.37 करोड़ तक पहुंच सकती है।
- रिटर्न तय नहीं होता, इसलिए 8%, 10% और 12% जैसे कई अनुमानों से योजना बनाएं।
चक्रवृद्धि ब्याज कैसे काम करता है
साधारण ब्याज सिर्फ़ मूलधन पर मिलता है। चक्रवृद्धि ब्याज में हर अवधि का ब्याज मूलधन में जुड़ जाता है और अगली बार ब्याज बड़ी रकम पर मिलता है। यानी ब्याज पर भी ब्याज मिलने लगता है। SIP में हर महीने नई किस्त जुड़ती है और हर किस्त अलग समय तक बढ़ती है।
मैच्योरिटी राशि = P × (1 + r ÷ n)n × t
P मूलधन, r सालाना दर, n साल में कितनी बार ब्याज जुड़ता है और t वर्ष।
SIP और चक्रवृद्धि ब्याज कैलकुलेटर हर महीने का हिसाब अलग से करता है, इसलिए नतीजा ज़्यादा सटीक आता है।
₹5,000 की SIP: 10 से 30 साल
मान लीजिए आप हर महीने ₹5,000 की SIP करते हैं और औसत सालाना रिटर्न 12% रहता है। नीचे का चार्ट दिखाता है कि आपने कितना लगाया और कितना बना।
- कुल निवेश
- मैच्योरिटी राशि
आंकड़े देखें
| अवधि | कुल निवेश | मैच्योरिटी राशि |
|---|---|---|
| 10 साल | ₹6,00,000 | ₹11,50,193 |
| 15 साल | ₹9,00,000 | ₹24,97,901 |
| 20 साल | ₹12,00,000 | ₹49,46,277 |
| 25 साल | ₹15,00,000 | ₹93,94,233 |
| 30 साल | ₹18,00,000 | ₹1,74,74,821 |
10 साल में ₹6 लाख का निवेश लगभग ₹11.5 लाख बनता है। 20 साल में ₹12 लाख लगभग ₹49.5 लाख हो जाते हैं। और 30 साल में ₹18 लाख का निवेश लगभग ₹1.75 करोड़ तक पहुंच सकता है। ध्यान दीजिए कि आख़िरी 10 सालों में रकम सबसे तेज़ी से बढ़ती है, क्योंकि तब ब्याज बहुत बड़ी रकम पर मिल रहा होता है।
रिटर्न का असर: 8%, 10% और 12%
म्यूचुअल फ़ंड में रिटर्न तय नहीं होता। इसलिए एक ही अनुमान पर भरोसा करने के बजाय अलग-अलग दरों पर देखना बेहतर है।
- 12% रिटर्न
- 10% रिटर्न
- 8% रिटर्न
- सिर्फ़ निवेश
आंकड़े देखें
| वर्ष | 12% रिटर्न | 10% रिटर्न | 8% रिटर्न | सिर्फ़ निवेश |
|---|---|---|---|---|
| 0 | ₹0 | ₹0 | ₹0 | ₹0 |
| 5 | ₹4,08,348 | ₹3,87,185 | ₹3,67,384 | ₹3,00,000 |
| 10 | ₹11,50,193 | ₹10,24,225 | ₹9,14,730 | ₹6,00,000 |
| 15 | ₹24,97,901 | ₹20,72,352 | ₹17,30,191 | ₹9,00,000 |
| 20 | ₹49,46,277 | ₹37,96,844 | ₹29,45,102 | ₹12,00,000 |
| 25 | ₹93,94,233 | ₹66,34,167 | ₹47,55,132 | ₹15,00,000 |
| 30 | ₹1,74,74,821 | ₹1,13,02,440 | ₹74,51,797 | ₹18,00,000 |
30 साल बाद 8% पर लगभग ₹74.5 लाख, 10% पर लगभग ₹1.13 करोड़ और 12% पर लगभग ₹1.75 करोड़ बनते हैं। शुरुआती 10 सालों में तीनों रेखाएं लगभग साथ चलती हैं, फिर तेज़ी से अलग हो जाती हैं। यही चक्रवृद्धि की ताकत है।
स्टेप-अप SIP: हर साल थोड़ा बढ़ाएं
ज़्यादातर लोगों की आय हर साल बढ़ती है। अगर आप हर साल अपनी SIP 10% बढ़ाते हैं, यानी पहले साल ₹5,000, दूसरे साल ₹5,500 और इसी तरह आगे, तो 12% रिटर्न पर 30 साल में रकम लगभग ₹4.37 करोड़ हो सकती है। इसमें आपका कुल निवेश लगभग ₹98.7 लाख होगा। बिना स्टेप-अप वाली SIP से यह लगभग ढाई गुना है। ज़्यादातर फ़ंड हाउस SIP शुरू करते समय ही स्टेप-अप या टॉप-अप का विकल्प देते हैं।
जल्दी शुरू करना क्यों ज़रूरी है
अगर आप 25 की उम्र में ₹5,000 की SIP शुरू करते हैं और 55 तक चलाते हैं, तो 30 साल मिलते हैं। 35 की उम्र में शुरू करने पर सिर्फ़ 20 साल मिलेंगे और 12% पर रकम ₹1.75 करोड़ की जगह लगभग ₹49.5 लाख रह जाएगी। दस साल की देरी से निवेश सिर्फ़ ₹6 लाख कम होता है, लेकिन नतीजा एक करोड़ से भी ज़्यादा कम हो जाता है।
SIP की तारीख़ और रुपया लागत औसत
हर महीने एक तय तारीख़ पर निवेश होने से बाज़ार गिरने पर ज़्यादा यूनिट और बढ़ने पर कम यूनिट मिलती हैं। इसे रुपया लागत औसत कहते हैं। इससे बाज़ार का सही समय पकड़ने की चिंता कम हो जाती है। सैलरी आने के एक-दो दिन बाद की तारीख़ चुनें, ताकि खाते में पैसे की कमी से किस्त न छूटे।
72 का नियम
पैसा कितने साल में दोगुना होगा, इसका अंदाज़ा लगाने के लिए 72 को सालाना रिटर्न से भाग दें। 8% पर लगभग 9 साल, 12% पर लगभग 6 साल। यह नियम किसी स्कीम के दावे को जल्दी परखने में मदद करता है।
असली रिटर्न को क्या कम करता है
- एक्सपेंस रेशियो: रेगुलर प्लान की तुलना में डायरेक्ट प्लान में खर्च कम होता है, जिसका असर लंबे समय में बड़ा होता है।
- टैक्स: इक्विटी फ़ंड में एक साल से ज़्यादा रखने पर ₹1.25 लाख से ऊपर के लंबी अवधि के लाभ पर 12.5% टैक्स लगता है। नियम बजट में बदल सकते हैं।
- महंगाई: 6% महंगाई पर आज के ₹1 करोड़ की कीमत 30 साल बाद बहुत कम होगी। इसलिए लक्ष्य तय करते समय भविष्य की महंगाई जोड़ें।
- बाज़ार का उतार-चढ़ाव: हर साल एक जैसा रिटर्न नहीं मिलता। गिरावट में SIP बंद करने से सबसे ज़्यादा नुकसान होता है।
अपनी योजना कैसे बनाएं
पहले तय करें कि हर महीने कितनी रकम आराम से निवेश कर सकते हैं। फिर कैलकुलेटर में 8%, 10% और 12% डालकर तीनों नतीजे देखें। अगर कम वाले अनुमान पर भी आपका लक्ष्य पूरा होता है, तो योजना मज़बूत है। अगर सिर्फ़ सबसे ऊंचे अनुमान पर पूरा होता है, तो SIP बढ़ाएं या जल्दी शुरू करें। म्यूचुअल फ़ंड निवेश बाज़ार जोखिम के अधीन हैं और यह लेख निवेश सलाह नहीं है।
अपना हिसाब ख़ुद निकालें
एकमुश्त निवेश और मासिक SIP की बढ़त देखें।
चक्रवृद्धि ब्याज और SIP कैलकुलेटर खोलेंअक्सर पूछे जाने वाले सवाल
₹5,000 की SIP 20 साल में कितनी होगी?
12% औसत रिटर्न पर लगभग ₹49.5 लाख, जबकि निवेश ₹12 लाख होगा।
SIP से करोड़पति बनने में कितना समय लगता है?
₹5,000 मासिक और 12% रिटर्न पर लगभग 25 से 26 साल। स्टेप-अप करने पर यह समय घट जाता है।
क्या SIP में रिटर्न की गारंटी है?
नहीं। म्यूचुअल फ़ंड का रिटर्न बाज़ार पर निर्भर है और हर साल बदलता है।
स्टेप-अप SIP क्या है?
इसमें हर साल SIP की रकम एक तय प्रतिशत या राशि से अपने आप बढ़ जाती है।
SIP और RD में क्या अंतर है?
RD में बैंक तय ब्याज देता है। SIP म्यूचुअल फ़ंड में जाती है, जहां रिटर्न तय नहीं होता पर लंबे समय में ज़्यादा हो सकता है।