चक्रवृद्धि ब्याज और SIP कैलकुलेटर

देखें कि एकमुश्त निवेश और हर महीने की SIP या RD चक्रवृद्धि ब्याज से कैसे बढ़ती है, जब ब्याज पर भी ब्याज मिलता है।

मैच्योरिटी राशि–
कुल निवेश
–
कुल ब्याज / रिटर्न
–
पैसा कितने गुना हुआ
–

चक्रवृद्धि ब्याज का फ़ॉर्मूला

A = P × (1 + r ÷ n)n × t

A मैच्योरिटी राशि, P मूलधन, r सालाना दर (दशमलव में), n साल में कितनी बार ब्याज जुड़ता है और t वर्षों की संख्या है।

मासिक SIP जोड़ने पर हर किस्त अलग समय तक बढ़ती है। इसलिए कैलकुलेटर हर महीने का हिसाब अलग से करता है: पहले उस महीने का ब्याज जोड़ता है, फिर महीने के अंत में किस्त जोड़ता है।

उदाहरण: ₹5,000 मासिक SIP, 15 साल

मान लीजिए आप ₹1,00,000 एकमुश्त और हर महीने ₹5,000 की SIP 15 साल तक करते हैं, और औसत सालाना रिटर्न 12% मानते हैं। आप कुल ₹10,00,000 लगाते हैं और राशि लगभग ₹30,97,000 हो जाती है। यानी लगभग ₹20,97,000 सिर्फ़ रिटर्न है।

SIP, FD, RD और PPF में यह कैलकुलेटर कैसे काम आता है

FD के लिए मासिक जमा 0 रखें और तिमाही चक्रवृद्धि चुनें, क्योंकि ज़्यादातर बैंक तिमाही ब्याज जोड़ते हैं। RD के लिए एकमुश्त राशि 0 और मासिक जमा डालें। PPF में ब्याज सालाना जुड़ता है। म्यूचुअल फ़ंड SIP में रिटर्न तय नहीं होता, इसलिए 10% से 12% जैसी अनुमानित दर से अलग-अलग नतीजे देखें।

72 का नियम

पैसा कितने साल में दोगुना होगा, यह जानने के लिए 72 को सालाना दर से भाग दें। 8% पर लगभग 9 साल और 12% पर लगभग 6 साल।

जल्दी शुरू करना क्यों ज़रूरी है

चक्रवृद्धि का असर समय के साथ तेज़ होता है। 25 की उम्र में शुरू की गई SIP अक्सर 35 की उम्र में शुरू की गई बड़ी SIP से ज़्यादा राशि बनाती है। कैलकुलेटर में वर्ष बदलकर यह फ़र्क ख़ुद देखें।

ध्यान रखें

यह कैलकुलेटर टैक्स, एक्सपेंस रेशियो और महंगाई नहीं घटाता। म्यूचुअल फ़ंड बाज़ार जोखिम के अधीन हैं और पिछला रिटर्न भविष्य की गारंटी नहीं है। यह पेज सिर्फ़ जानकारी के लिए है, निवेश सलाह नहीं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

साधारण और चक्रवृद्धि ब्याज में क्या अंतर है?

साधारण ब्याज सिर्फ़ मूलधन पर मिलता है, जबकि चक्रवृद्धि ब्याज पहले मिले ब्याज पर भी मिलता है।

₹5,000 की SIP 10 साल में कितनी होगी?

12% सालाना रिटर्न मानने पर ₹6 लाख का निवेश लगभग ₹11.6 लाख हो सकता है। असली रिटर्न बाज़ार पर निर्भर है।

FD के लिए कौन-सी चक्रवृद्धि चुनें?

ज़्यादातर भारतीय बैंक FD पर तिमाही ब्याज जोड़ते हैं, इसलिए "तिमाही" चुनें।

किस्त कब जुड़ती है?

हर महीने के अंत में, उस महीने का ब्याज जुड़ने के बाद।

क्या इससे लोन की EMI निकाल सकते हैं?

नहीं। EMI के लिए होम लोन EMI कैलकुलेटर का इस्तेमाल करें।

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