ब्रेक-ईवन कैलकुलेटर

अपने बिज़नेस का वह पॉइंट जानें जहां बिक्री से सारे खर्च निकल जाते हैं, और तय करें कि मुनाफ़े के लिए कितना और बेचना है।

किराया, वेतन, बिजली और ऐसे खर्च जो बिक्री से नहीं बदलते।

ब्रेक-ईवन यूनिट–
प्रति यूनिट योगदान
–
योगदान मार्जिन अनुपात
–
ब्रेक-ईवन बिक्री राशि
–
लक्ष्य मुनाफ़े के लिए यूनिट
–
लक्ष्य मुनाफ़े के लिए बिक्री
–

ब्रेक-ईवन पॉइंट का फ़ॉर्मूला

प्रति यूनिट योगदान = बिक्री मूल्य − परिवर्तनशील लागत

ब्रेक-ईवन यूनिट = फ़िक्स्ड खर्च ÷ प्रति यूनिट योगदान

ब्रेक-ईवन बिक्री = ब्रेक-ईवन यूनिट × बिक्री मूल्य

लक्ष्य मुनाफ़े के लिए यूनिट = (फ़िक्स्ड खर्च + मुनाफ़ा) ÷ प्रति यूनिट योगदान

कैलकुलेटर यूनिट को ऊपर की ओर राउंड करता है, क्योंकि आधी यूनिट नहीं बिकती।

फ़िक्स्ड और परिवर्तनशील खर्च

फ़िक्स्ड खर्च बिक्री कम-ज़्यादा होने पर भी वही रहते हैं: दुकान का किराया, स्टाफ़ की सैलरी, बिजली का न्यूनतम बिल, लोन की EMI और सॉफ़्टवेयर सब्सक्रिप्शन। परिवर्तनशील खर्च हर बिक्री के साथ बढ़ते हैं: कच्चा माल, पैकिंग, डिलीवरी और कमीशन। दोनों खर्च एक ही अवधि के डालें, जैसे मासिक।

उदाहरण: एक छोटा कैफ़े

एक कैफ़े का मासिक फ़िक्स्ड खर्च ₹50,000 है। एक कॉम्बो ₹250 में बिकता है और उसकी लागत ₹150 है। हर कॉम्बो ₹100 का योगदान देता है, इसलिए 50,000 ÷ 100 = 500 कॉम्बो हर महीने बेचने पर खर्च निकलेगा, यानी ₹1,25,000 की बिक्री। ₹20,000 मुनाफ़े के लिए 700 कॉम्बो बेचने होंगे, यानी रोज़ लगभग 23।

जल्दी ब्रेक-ईवन तक पहुंचने के तीन तरीके

कीमत थोड़ी बढ़ाएं, प्रति यूनिट लागत घटाएं, या फ़िक्स्ड खर्च कम करें। कीमत में छोटा बदलाव सबसे ज़्यादा असर करता है, क्योंकि पूरी बढ़ोतरी सीधे योगदान में जाती है। ऊपर के उदाहरण में कीमत ₹250 से ₹275 करने पर ब्रेक-ईवन 500 से घटकर 400 कॉम्बो रह जाता है।

नया बिज़नेस शुरू करने से पहले

लोन के लिए प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनाते समय बैंक अक्सर ब्रेक-ईवन विश्लेषण मांगते हैं। इस कैलकुलेटर से अलग-अलग कीमतों और खर्चों पर नतीजे देखकर यथार्थवादी लक्ष्य तय करें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

ब्रेक-ईवन पॉइंट क्या होता है?

बिक्री का वह स्तर जहां कुल आय और कुल खर्च बराबर होते हैं, यानी न मुनाफ़ा न घाटा।

कैलकुलेटर त्रुटि क्यों दिखा रहा है?

अगर बिक्री मूल्य प्रति यूनिट लागत के बराबर या कम है, तो हर बिक्री पर घाटा होता है और ब्रेक-ईवन संभव नहीं।

क्या अपनी सैलरी फ़िक्स्ड खर्च में जोड़ें?

हां, अगर आप जानना चाहते हैं कि बिज़नेस कब आपको वेतन दे पाएगा।

ब्रेक-ईवन कितनी बार निकालना चाहिए?

जब भी कीमत, सप्लायर की लागत या किराया बदले, और कम से कम साल में एक बार।

क्या ब्रेक-ईवन और पेबैक पीरियड एक ही हैं?

नहीं। पेबैक पीरियड बताता है कि शुरुआती निवेश कितने समय में वापस आएगा।

Dailycaltor टीम द्वारा अंतिम समीक्षा: